कहानी

चलता – फिरता प्रेत | मानव कौल | निजी मैं की यात्रा

झूठ सुनहरा था, भूस की तरह, सत्य उसमे काले सांप की तरह घुस गया। हम डर गए। बहुत। इतना डर गए कि लाठी लेकर भूस के ढेर में सांप मारने लगे। सारा घर भूस के तिनकों से भर गया। दीवार, छत, खिड़की, दरवाजे और हम – सब छोटे छोटे भूस के तिनकों के बीच छिप गए। सांप हाथ नहीं आया… रात में थककर सोने पर पैरों पर कुछ रेंगता महसूस हुआ और हम अकड़ गए, हमने डर कर हाथ जोड़ लिए, तभी कानों में फिस्फिसाती सी आवाज़ आई – ‘डरो मत, मैं तुम्हें नहीं काटूंगा। तुम पर अब भी झूठ के तिनके बिखरे हुए हैं। अभी तुम सत्य के काटे से जीने लायक नहीं हुए।’

Books कहानी नाटक

Samuel Beckett’s The Complete Dramatic Works | Truth Beyond Words

बहुत सी रातों में अपने मरने का सपना देखा है। पर मरने के ठीक एक पहले हम आँख खोलकर खुद को मृत्यु से बचा लेते हैं। ये इंसान होने की चालाकी है। पर वो एक क्षण जिसमें हम मृत्यु से जीवन के बीच की दूरी पार करते हैं – वो क्षण भरा मिला है निरीह चुप्पी से। हर बार। जहाँ शब्द हमेशा जो कहा जा रहा है उसके आड़े आए हैं। उस एक क्षण में निश्चित मृत्यु का इंतज़ार है पर मृत्यु नहीं। और फिर तुरंत हमें धड़कन महसूस होती है और हम खुश होकर उस एक क्षण को बीती यादों के बक्से में बंद कर देते हैं।

Books कहानी

आधे- अधूरे | मोहन राकेश | नाटक | आधे- अधूरे… हम सब की तरह |

एक घर, उसमें रहने वाले कुछ लोग और उनकी ज़िंदगी के इर्द गिर्द घूमते संवाद। संक्षेप में तो यह नाटक यही है। परंतु क्या सच में यह नाटक भी इस पंक्ति के जितना ही सतही है? या कुछ और भी है इस नाटक में जो थोड़ा गहरा है, जिसे इन कुछ शब्दों से नहीं समझाया जा सकता है।

फिल्म

Bhonsle | मेरे लिए क्या है!

चारों तरफ गूँजता नफ़रत का शोर, उस शोर के नशे में डूब चुके लोग और इन सब के बीच मौन बैठी एक बूढ़ी जर्जर होती देह जो सूनी आँखों से यह सब देख रही है। वो भोंसले है, परंतु भोंसले कौन है? मेरे लिए तो भोंसले जवान होती नफ़रत और हिंसा के बीच बूढ़ी होती हमारी मनुष्यता है, हमारी आत्मा है। जिससे हम आँखें नहीं मिला पाते हैं, जिसकी आँखों में देख मानो हम खुद की मर चुकी आत्मा को आईने में देख लेते हैं।

फिल्म हिन्दी

Dekalog : Krzysztof Kieślowski | Life Changing, Mesmerizing, Otherworldy

चुप्पी का सबसे सुंदर रूप सोचो : फिर सोचो कुछ उससे भी ज्यादा सुंदर : सोचो, हर व्यक्ति सवालों के घेरे में लड़कर जीता है : जानो, चक्रव्यूह में फंसा अभिमन्यु सिर्फ महाभारत में ही नहीं होता: हर कोई अभिमन्यु है अपने जीवन का : ईश्वर रणभूमि में होकर भी तुम्हारे युद्ध में हस्तछेप नहीं करते : वो बस देखते हैं तुम्हारी कर्मठता और तुम्हारे चुनाव।

कहानी हिन्दी

The Hitchhiker’s Guide to the Galaxy Quotes

“The argument goes something like this: ‘I refuse to prove that I exist,’ says God, ‘for proof denies faith, and without faith I am nothing.'”
“‘But,’ says Man, ‘The Babel fish is a dead giveaway, isn’t it? It could not have evolved by chance. It proves you exist, and so, therefore, by your own arguments, you don’t. QED.'”
“‘Oh dear,’ says God, ‘I hadn’t thought of that,’ and promptly vanished in a puff of logic.”

कहानी हिन्दी

एक चिथड़ा सुख – निर्मल वर्मा | बारिश, दिल्ली, सुख और चमत्कार सा कुछ

कहीं जाने के लिए टिकट का होना जरूरी है; वह एक तरह का सिग्नल है जैसे घड़ी का होना, डायरी का होना, कैलंडर का होना – वरना एक रात हमेशा के लिए एक रात रहेगी, एक शहर हमेशा के लिए एक शहर, एक मृत्यु हमेशा के लिए एक मृत्यु;

फिल्म हिन्दी

Bhonsle | This film is about us

बहुत सुंदर और बहुत जरूरी फिल्म है – भोंसले। शुरुआत में धीमी लग सकती है अगर ऐसे सिनेमा की आदत नहीं है पर तब भी प्लीज देखो- ये फिल्म आने वाले सालों में जो भीतर कुरेदेगी वो बेहद जरूरी है। और हाँ फिल्म देखते हुए घुटन महसूस होगी क्यूंकि director ने cinematography का use intentionally वैसा किया है।