Books कहानी हिन्दी

Kafka On The Shore Quotes – Part 1

It’s because all the performances are imperfect. A dense, artistic imperfection stimulates your consciousness, keeps you alert. If I listen to some utterly perfect performance of an utterly perfect piece while I’m driving. I might want to close my eyes and die right then and there. But listening to the D major, I can feel the limits of what humans are capable of – that a certain type of perfection can only be realized through a limitless accumulation of the imperfect. And personally, I find that encouraging.

Books कहानी हिन्दी

प्रतिनिधि कहानियाँ – निर्मल वर्मा | निजी खिड़कियां

बरसों बाद भी घर, किताबें, कमरे वैसे ही रहते हैं, जैसा तुम छोड़ गए थे; लेकिन लोग? वे उसी दिन से मरने लगते हैं, जिस दिन से अलग हो जाते हैं… मरते नहीं, एक दूसरी ज़िंदगी जीने लगते हैं, जो धीरे- धीरे उस ज़िंदगी का गला घोंट देती है, जो तुमने साथ गुजारी थी…

कविता हिन्दी

केदारनाथ अग्रवाल की किसानी कवि होने की झलकियां

नहीं कृष्ण की,
नहीं राम की,
नहीं भीम, सहदेव, नकुल की,
नहीं पार्थ की,
नहीं राव की, नहीं रंक की..
नहीं तेग, तलवार, धर्म की
नहीं किसी की, नहीं किसी की
घरती है केवल किसान की।

Books review | समीक्षा कहानी नाटक हिन्दी

आगरा बाज़ार – हबीब तनवीर साहब की Time Travelling Machine

अदना, गरीब, मुफलिस, जरदार पैरते हैं,
इस आगरे में क्‍या-क्‍या, ऐ यार, पैरते हैं।
जाते हैं उनमें कितने पानी में साफ सोते,
कितनों के हाथ पिंजरे, कितनों के सर पे तोते।
कितने पतंग उड़ाते, कितने मोती पिरोते,
हुक्‍के का दम लगाते, हँस-हँस के शाद होते।
सौ-सौ तरह का कर कर बिस्‍तार पैरते हैं,
इस आगरे में क्‍या-क्‍या, ये यार, पैरते हैं॥

top 10 कविता हिन्दी

कुँवर नारायण की Top 10 पंक्तियाँ – Part 3

और वह प्रेमिका
जिसका मुझे पहला धोखा हुआ था
मिल जाए तो उसका खून कर दूँ!
मिलती भी है, मगर
कभी मित्र
कभी माँ
कभी बहन की तरह
तो प्यार का घूंट पीकर रह जाता।

review | समीक्षा फिल्म

Eeb Allay Ooo! | The Perfect Cinema by Director Prateek Vats

एक सीन में republic day यानि 26 जनवरी की परेड चल रही है। बहुत से बंदर भगाने वाले आस पास हैं जिससे बंदर ना आ जाएँ। और फिर सामने से बंदरों की ही झांकी निकलती है और सब ताली बजाते हैं। ये अपने आप में बहुत ironic है। अंजनी की नजरों से देखने पर हँसी आती है। लेकिन तुरंत कुछ खयाल भी आते हैं।

नौकरी देने से पहले documentary दिखाई जाती है बंदरों पर जिसमे कहा जाता है कि – पहले इंसानों ने इन्हे भगवान का दर्जा दिया। खाने को प्रसाद और दूसरी चीजें दीं। तो इनका हौसला बढ़ गया। इन्हे लगता है कि इन्हे खाना खाने के लिए खाना ढूँढने की जरूरत नहीं है।

Books कहानी हिन्दी

The Home and The World – Rabindranath Tagore’s Quotes

It is only when we get to the point of letting the bird out of its cage that we can realize how free the bird had set us. Whatever we cage, shackles us with desire whose bonds are stronger than those of iron chains. I tell you, sir, this is just what the world has failed to understand. They all seek to reform something outside themselves. But reform is wanted only in one’s own desires, nowhere else, nowhere else!