review | समीक्षा फिल्म

Paths of Glory | The Perfect Combination of Entertainment and Message

कुछ फिल्में होती हैं जो अपना काम बहुत बखूबी करती हैं – एक तो entertain करना और दूसरा कुछ ऐसा कह जाना जिसके बारे में आप बहुत देर तक, यहाँ तक कि दिनों तक सोचते रहो। Paths of Glory उन्हीं फिल्म्स में आती है। 

Entertain करने के लिए क्या चाहिए – कहानी अच्छी हो, acting अच्छी हो, engaging हो और music अच्छा हो। और कुछ कह जाए के लिए जरूरी है कि director कुछ ऐसे दिखाए कि मूवी के dialogues और visuals हिट करें।

फिल्म हिन्दी

Barry Lyndon – Painting in Every Frame | Stanley Kubrick

अगर मैं कहूँ कि किसी मूवी का हर दूसरा सीन एक पेंटिंग की तरह है तो आप क्या कहेंगे? जब Barry Lyndon रिलीज हुई थी तब उसने बहुत कुछ बदल था। Stanley Kubrick की genius ये थी कि उन्होंने cinematography और movie making के frame को बदल कर रख दिया था।

Books कविता हिन्दी

विनोद कुमार शुक्ल- कविता से लंबी कविता | Review | Top 10 बिम्ब

पाँच मिनट बाद खिड़की खोलने पर
वही खड़ा हुआ दृश्य,
खड़े हुए दृश्य में
गुजरते हुए लोग
कि उस पेड़ के पास
अब कोई आदमी नहीं
जैसे वह जान-बूझकर पेड़ छोड़कर
चला गया कहीं

Books review | समीक्षा कहानी हिन्दी

निर्मल वर्मा – हर बारिश में | A surface beneath words

निर्मल वर्मा की एक और चीज बहुत झकझोर देती है – उनका यथार्थ को लेकर नजरिया। यथार्थ और सत्य उनके लिए दो अलग अलग चीज़े हैं और वो convince भी कर देते हैं पढ़ने वाले को यथार्थ समय की एक अलग ही धारा में बहता है जो हमारे निजी जीवन से कुछ भिन्न है। बहुत ही बारीक और खोजबीन वाली नजर से देखेंगे तो जान पाएंगे कि जो हम जी रहे हैं वो यथार्थ से कोसों दूर है। उनके लेखों में यथार्थ की झलक कहीं पर चमकती धूप सी मिलती है।

कहानी विचार संवाद हिन्दी

मैं और कृष्ण | यथार्थ लिखने पर बातचीत

निर्मल वर्मा ने कहा है – “जब हम कहानी में लिखते हैं, वह सितंबर की एक शाम थी – मैं उस सूनी सड़क पर चला जा रहा था, तब इस पंक्ति के लिखे जाने के एकदम बाद कुछ ऐसा हो गया है, जो शाम से बाहर है, उस सूनी सड़क से अलग है। वह ‘मैं’ उस व्यक्ति से अलग हो गया है, जो उस शाम सड़क पर चल रहा था। उस वाक्य का अपना एक अलग एकांत है, जो उस शाम की सूनी सड़क से अलग है। शब्दों ने उस शाम को मूर्त करने की प्रक्रिया में अपनी एक अलग मूर्ति गढ़ ली है, जिसकी नियति उस व्यक्ति की नियति से भिन्न है, जो ‘मैं’ हूँ।”

फिल्म हिन्दी

Voyage of Time | An Incredible Journey

Okay. Voyage of Time is something really amazing, extraordinary and utterly different.
ब्रह्मांड कैसे शुरू हुआ, कैसे बना, इसका भविष्य क्या है – ये सारे questions हम लोगों को बहुत fascinate करते हैं। तभी शायद Nat Geo पर कोई documentary आए universe से रिलेटेड तो आँख बांधे देखते रहते हैं। ये सारे सवाल हमारे जहन में शुरुआत से रहे हैं और शायद रहेंगे।

Books कविता हिन्दी

केदारनाथ अग्रवाल जी की सामाजिक दृष्टि की झलकियां

केदारनाथ अग्रवाल जी हिन्दी साहित्य के कुछ सबसे सुंदर कृतियों वाले कवियों में से एक हैं। इनकी कविताओं में प्रकृति का जो विवरण होता है वो बहुत सुंदर है। बहुत से लेखकों ने उन्हे किसानी कवि की पदवी भी दी है।

Books review | समीक्षा top 10 कविता हिन्दी

विनोद कुमार शुक्ल- कविता से लंबी कविता | Review | पढ़ने के Top 10 कारण

गीत चतुर्वेदी जी ने अपने interview में कहा है कि विनोद कुमार शुक्ल हवा में सरलता से चलने वाले कवि हैं और व्योमेश शुक्ल ने लिखा है – “ज़िंदगी कितनी कम विनोद कुमार शुक्ल है।” और फिर आप जब एक बार इनके संसार में कदम रखते हैं तो आप जमीन से दो इंच ऊपर ही चलेंगे। अभी- अभी विनोद कुमार शुक्ल जी की किताब कविता से लंबी कविता  किताब पढ़ी है और इस समय जिस zone में हूँ उसको केवल विनोद कुमार शुक्ल के संसार को जानने वाला ही समझ सकता है।

Books translation world literature कहानी

Chekhov’s The Seagull – Some lines

Chekhov के नाटक The Seagull पढ़ते हुए ये कुछ पंक्तियाँ पसंद आईं हैं –   अच्छे साहित्य में सवाल नए या पुराने तरीकों या रूपों का नहीं है, बल्कि विचारों का है जो लेखक के हृदय से स्वतंत्रता से निकले हों, बगैर उसके सोचे कि उनका रूप क्या होगा। – चेखव – नाटक  – द…