फिल्म

Margarita With A Straw | If life is a Margarita, how will you drink it?

इस फ़िल्म में मेरी तीन सबसे प्रिय अभिनेत्रियाँ हैं जिन्होंने बहुत अहम किरदार निभाए हैं- Kalki Keochlin, Sayani Gupta, Revathi. कहानी Laila(Kalki) की ज़िंदगी की है जो कि Cerebral Palsy से ग्रसित है। उसके परिवार में उसके पिता, उसकी माँ(Revathi) और उसका भाई भी है। Laila दिल्ली में college पढ़ती है, उसे music बहुत पसंद है और वो अपने college के music band में lyricist का काम भी करती है।

फिल्म

The Social Dilemma | Why Should You Watch It Right Now?

“The social Dilemma” 2020 में बनी एक वृतचित्र है यानी कि एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म है। इसे जेफ ओरलोवस्की ने डायरेक्ट करा है और यह नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। जैसा कि फ़िल्म के नाम से ही पता चलता है यह फ़िल्म सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और उनसे जुड़े हमारे Dilemma पर बात करती है।

फिल्म हिन्दी

Revolutionary Road | Dreams, Life & Them

फ़िल्म को देख मन में कितनी ही बार यह सवाल आता है कि क्या सच में हमारे खालीपन और निराशा से भागा जा सकता है? और अगर हम भाग भी लेते हैं तो जहाँ ठहरेंगे वहाँ खालीपन और निराशा नहीं होगी यह बात कितनी निश्चितता से कही जा सकती है। यह सब सोचते हुए मानव कौल की लिखी एक बात भीतर कहीं गूँजने लगती है “किसी के चुनते ही जो नहीं चुना वह दिमाग में रह जाता है और जो चुन लिया वह हमारे थके हुए जीवन का हिस्सा बन जाता है।”

फिल्म हिन्दी

Her | Irony of Loneliness

“Her” – 2013 में Spike Jonze के निर्देशिन में बनी इस फ़िल्म को 86th Academy Awards में Best Original Screenplay का अवार्ड मिला और 2016 में इसे 84th greatest film since 2000 का दर्जा दिया गया 177 फ़िल्म critics के द्वारा।

Books कहानी

आधे- अधूरे | मोहन राकेश | नाटक | आधे- अधूरे… हम सब की तरह |

एक घर, उसमें रहने वाले कुछ लोग और उनकी ज़िंदगी के इर्द गिर्द घूमते संवाद। संक्षेप में तो यह नाटक यही है। परंतु क्या सच में यह नाटक भी इस पंक्ति के जितना ही सतही है? या कुछ और भी है इस नाटक में जो थोड़ा गहरा है, जिसे इन कुछ शब्दों से नहीं समझाया जा सकता है।

फिल्म

Bhonsle | मेरे लिए क्या है!

चारों तरफ गूँजता नफ़रत का शोर, उस शोर के नशे में डूब चुके लोग और इन सब के बीच मौन बैठी एक बूढ़ी जर्जर होती देह जो सूनी आँखों से यह सब देख रही है। वो भोंसले है, परंतु भोंसले कौन है? मेरे लिए तो भोंसले जवान होती नफ़रत और हिंसा के बीच बूढ़ी होती हमारी मनुष्यता है, हमारी आत्मा है। जिससे हम आँखें नहीं मिला पाते हैं, जिसकी आँखों में देख मानो हम खुद की मर चुकी आत्मा को आईने में देख लेते हैं।