Beyond The Horizon | Play

हम सबकी जीवन में कुछ इच्छाएँ होती हैं, कुछ सपने होते हैं। हर कोई उन सपनों को जी लेने की आस में ही अपना पूरा जीवन या तो बिता चुका होता है या बिता रहा होता है। पर क्या होता है जब आप उन सपनों की दिशा में जाने की बजाए अपने जीवन को ठीक उसकी उलट दिशा में मोड़ देते हो? यह नाटक बस इसी बारे में है― Beyond the horizon by Eugene O’Neill

Suppose I was to tell you that it’s just beauty that’s calling me, the beauty of the far off and unknown, the mystery and spell which lures me, the need of freedom of great wide spaces, the joy of wandering on and on—-in quest of the secret which is hidden over there—-beyond the horizon?

कहानी अमरीकी countryside में रहने वाली Mayo फैमिली के इर्द गिर्द घूमती है। नाटक के मुख्य पत्रों में से एक है Robert Mayo, दूसरा उसका भाई Andrew Mayo और तीसरी उनकी बचपन की दोस्त Ruth Atkins.

Robert और Andrew, दोनो भाई एक दूसरे के बहुत करीब हैं। इन दोनों का एक बहुत ही खूबसूरत रिश्ता है जो की मेरे ख्याल से इस पूरे नाटक को बाँधे रखता है। Andrew बिल्कुल अपने पिता पर गया है, वो एक बहुत ही अच्छा किसान है और बिल्कुल practical सोच है उसकी। उसके लिए उनके परिवार का खेत और जिस जगह वो बचपन से रहा है बस ये दोनो ही उसकी पूरी दुनिया है। वहीं ठीक इसका उलट है Robert जो की अपनी माँ की तरह ज़्यादा है। उसे खेती करना बिल्कुल नहीं आता, उसे किताबें और कविताएँ पढ़ना बहुत पसंद है। वो संक्षेप में कहें तो एक dreamer है, उसका एक ही सपना है की वो पूरी दुनिया घूमे। रोज़ वो पहाड़ों के पीछे क्षितिज को देखता है और उसे ऐसा महसूस होता है कि कोई तो अनजान रहस्य है जो उसे अपनी ओर बुला रहा है। उसे वो रहस्य जानना है और वो उसे क्षितिज के पार (Beyond the horizon) जाकर ही मिलेगा यह बात वो अच्छे से जानता है।

Andrew और Robert, दोनों ही अपने अपने व्यक्तित्व के बीच की इन असमानताओं को बखूबी जानते हैं और बहुत अच्छे से समझते भी हैं। पूरे नाटक में इन दोनों पत्रों के बीच का यह ताल मेल भरा सम्बन्ध और एक दूसरे की ज़रूरतों की समझ ही पाठक को अंत तक कहानी से जोड़े रखती है। दोनों के संवादों को पढ़कर बहुत ही अच्छा लगता है।

तो नाटक की शुरुआत उस रात से होती है जिसके अगले ही दिन Robert अपने मामा Captain Dick Scott के साथ तीन सालों के लिए समुद्री यात्रा पर जाने वाला होता है। बस इसी रात को कुछ ऐसे फैसले लिए जाते हैं जो कि सभी पात्रों की ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल देते हैं और खासकर की Ruth, Robert और Andrew की ज़िंदगी को। बस इतना ही कहा जा सकता है कि इनके जीवन उस रात को इनके सपनों से उलट दिशा में मुड़ जाते हैं। फ़िर कुछ कुछ सालों के अंतराल में हमें इनकी बदलती हुई ज़िन्दगियों की झलक देखने को मिलती है।

पूरे नाटक में बस एक बात मुझे खटकी और वो है कि Ruth के पात्र में परतों और गहराइयों का आभाव होना। शायद वो Ruth में रही भी होंगी पर नाटक में उभर कर सामने नहीं आ नही पाई। अगर Ruth कोई सहायक पात्र होती तो इतना फ़र्क भी नहीं पड़ता पर Ruth बहुत ही ज़रूरी पात्र थी इस नाटक को इसकी दिशा देने में और अंत तक वह ज़रूरी रही भी। मैं ऐसा इसलिए कह रही हूँ क्यूँकि जब भी मैंने इस नाटक के बारे में किसी के भी साथ discussion करा, मैंने हर बार पाया कि Ruth का पात्र बहुत ही अहम होने बावजूद भी मुझे बहुत खोखला और खाली प्रतीत हुआ। अगर थोड़ी परतें उसके पात्र की भी दिखाई जाती तो कितना अच्छा होता, Ruth का दृष्टिकोण बहुत अहम था।

इस कमी के बावजूद भी यह नाटक पढ़ने लायक है। इसका अंत बहुत ही सुंदर और पूर्ण कर देने वाला था। इसे पढ़कर ज़िंदगी और अपने सपनों से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख ही मिलेगी तो इसे एक बार ज़रूर पढ़िएगा।

अंत…..

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