Books top 10 कविता हिन्दी

Piyush Mishra – आरंभ है प्रचंड किताब से Top 10 गीत

Piyush Mishra जी को सभी जानते हैं। जिन्होंने भी गुलाल और Gangs of Wasseypur देखी है वो जानते होंगे। वो बहुत ही उम्दा अभिनेता और लेखक हैं। खासकर कविता और गीतों के। उनके गीत आपने जरूर भूले बिसरे गुनगुनाएँ होंगे। चाहें वो आरंभ हो प्रचंड हो या एक बगल में चाँद होगा, एक बगल में…

Books कहानी हिन्दी

नौकर की कमीज – विनोद कुमार शुक्ल | अंश

संघर्ष का दायरा बहुत छोटा था। प्रहार दूर-दूर से और धीरे-धीरे होते थे इसलिए चोट बहुत जोर की नहीं लगती थी। शोषण इतने मामूली तरीके से असर डालता था कि विद्रोह करने की किसी की इच्छा ही नहीं होती थी। या विद्रोह भी बहुत मामूली किस्म का होता। यदि सब्जी बहुत महंगी मिलती थी तो इसका कारण उन सब्जी बेचनेवालों को समझता जो टोकरी में सब्जी बेचने मुहल्ले-मुहल्ले घूमते थे। उनसे सब्जी तौलाते समय डपटकर बोलता – तौल ठीक होना चाहिए। सड़ी आलू मत डाल देना। तुम लोग ठगते हो, डंडी मारते हो, लूटते हो। यही मेरा विद्रोह था।

Books कहानी विचार हिन्दी

Hitchhiker’s Guide to Galaxy | Universe and Every Theory

जैसे ही कोई ये समझ लेगा कि universe क्यूँ बना, इसका काम क्या है – वैसे ही ये वाला universe गायब हो जाएगा और इसकी जगह दूसरा universe आ जाएगा – जो पहले वाले से कई गुना ज्यादा कठिन यानि कि complex और bizarre होगा।
ऊपर वाली theory से related theory है – कि ऐसा कई बार हो चुका है।

Books कविता हिन्दी

Kedarnath Singh | केदारनाथ सिंह की कविताओं के अंश

मैं पूरी ताक़त के साथ
शब्दों को फेकना चाहता हूँ आदमी की तरफ
यह जानते हुए कि आदमी का कुछ नहीं होगा
मैं भारी सड़क पर सुनना चाहता हूँ वह धमाका
जो शब्द और आदमी की टक्कर से पैदा होता है
– केदारनाथ सिंह

Books review | समीक्षा top 10 कविता हिन्दी

Gulzar – Triveni | The best among best

हमारे समाज की भद्दी तस्वीर को उज़ागर करता और हम खुद के अंदर झांकने को मजबूर करता है ये त्रिवेणी

चूड़ी के टुकड़े थे, पैर में चुभते ही खून बह निकला
नंगे पाँव खेल रहा था, लड़का अपने आँगन में

बाप ने कल फिर दारू पी के माँ की बाँह मरोड़ी थी।

Books review | समीक्षा कहानी हिन्दी

Geet Chaturvedi – Pink Slip Daddy | 3 in One Combo

नदियों को एक दिन समंदर में जाकर गिरना होता है, लेकिन सड़क कहाँ जाकर गिरती है, कोई नहीं देख पाया। वह कहती, दुनिया- भर की सड़कों को इकट्ठा कर दिया जाए, तो वे उसके बालों का जुड़ा बन जाएंगी।

Books शेर हिन्दी

मनोज ‘मुंतशिर’ – मेरी फ़ितरत है मस्ताना | Top 10

आपका तो नहीं पता पर ‛ मैं ’ जो बालक ये लिख रहा है वो बिल्कुल ऐसा ही बालक है जैसा इस शेर में है-

कोई खुदगरज़ियाँ देखे हमारे जैसे बच्चों की
अधूरी माँ के होंठों पर कहानी छोड़ दी हमने

निवाले माँ खिलाती थी, तो सौ नखरे दिखाते थे
नहीं है माँ ,तो सारी आनाकानी छोड़ दी हमने

Books कविता हिन्दी

विनोद कुमार शुक्ल- कविता से लंबी कविता | Review | Top 10 बिम्ब

पाँच मिनट बाद खिड़की खोलने पर
वही खड़ा हुआ दृश्य,
खड़े हुए दृश्य में
गुजरते हुए लोग
कि उस पेड़ के पास
अब कोई आदमी नहीं
जैसे वह जान-बूझकर पेड़ छोड़कर
चला गया कहीं

Books review | समीक्षा कहानी हिन्दी

निर्मल वर्मा – हर बारिश में | A surface beneath words

निर्मल वर्मा की एक और चीज बहुत झकझोर देती है – उनका यथार्थ को लेकर नजरिया। यथार्थ और सत्य उनके लिए दो अलग अलग चीज़े हैं और वो convince भी कर देते हैं पढ़ने वाले को यथार्थ समय की एक अलग ही धारा में बहता है जो हमारे निजी जीवन से कुछ भिन्न है। बहुत ही बारीक और खोजबीन वाली नजर से देखेंगे तो जान पाएंगे कि जो हम जी रहे हैं वो यथार्थ से कोसों दूर है। उनके लेखों में यथार्थ की झलक कहीं पर चमकती धूप सी मिलती है।

Books कविता हिन्दी

केदारनाथ अग्रवाल जी की सामाजिक दृष्टि की झलकियां

केदारनाथ अग्रवाल जी हिन्दी साहित्य के कुछ सबसे सुंदर कृतियों वाले कवियों में से एक हैं। इनकी कविताओं में प्रकृति का जो विवरण होता है वो बहुत सुंदर है। बहुत से लेखकों ने उन्हे किसानी कवि की पदवी भी दी है।