कहानी

निठल्ले की डायरी – हरिशंकर परसाई | निठल्ले – निठल्ले में फ़र्क है!

जब तक पुरुष नारी को यह ना बता दे कि मैं जंगली जानवर भी हूँ, तब तक वह समझता है कि मेरी पूरी शख्सियत नहीं उभरी।

कहानी

Letters To Felice | Franz Kafka

पढ़ने के बाद ऐसा लगा कि मुझसे कुछ छीन लिया गया है। कुछ बेहद निजी। इतने दिनों से कोई था जो साथ था और वो एक दम से किसी ने छीन लिया है या बिना बताए चला गया है। इतना खाली, इतना दुख हुआ कि बहुत देर हाथों को देखता रहा। इतनी निजी बातें पढ़ने का guilt, फिर अंत में कुछ भी हाथ ना आने का अहसास, और उसके बाद इतना कुछ मिल गया का सुख – और इन सबके बाद भी – इतना human कुछ पढ़ने की झुरझुरी अभी भी शरीर पर महसूस हो रही है। कितना कुछ लिखा जा सकता है इस बारे में पर हमारे शब्द कितने झूठे है। हमारा कुछ लिखना, एक भी शब्द कितना थोथला है और ये लिखते लिखते – ये कितना निरर्थक है। कितना झूठ है मेरा खुद को देखना इसके comparison में।

कहानी

Aphorisms by Kafka | Truth Bombs!

From a certain point on, there is no more turning back. That is the point that must be reached. Franz Kafka (Aphorisms) मुझे बहुत पसंद है जब मैं सुबह उठुं और कुछ भी करने से पहले मेरे मन में हो कि यार वो किताब complete करनी है। जो किताबें बांध कर रख पाएं – उनका…

कहानी हिन्दी

Kafka’s Abandoned Fragment’s Quotes

We construct quite useless war machines, towers, walls, curtains of silk, and we might wonder a lot about that if we had the time. And remain suspended in the air, we don’t fall, we flutter, even though we’re uglier than bats. And now hardly anyone can prevent us from saying on a beautiful day: ‘Oh Lord, it’s a beautiful day today.’ For already we are settled in on this earth, and we live on the basis of our consent.