कविता हिन्दी

केदारनाथ अग्रवाल की किसानी कवि होने की झलकियां

नहीं कृष्ण की,
नहीं राम की,
नहीं भीम, सहदेव, नकुल की,
नहीं पार्थ की,
नहीं राव की, नहीं रंक की..
नहीं तेग, तलवार, धर्म की
नहीं किसी की, नहीं किसी की
घरती है केवल किसान की।

top 10 कविता हिन्दी

Kedarnath Agrawal – केदारनाथ अग्रवाल के प्रकृति प्रेम की झलकियां

Kedarnath Agrawal जी की किताब के कुछ अंश आपने पहले पढे थे। जिसमें उनके सामाजिक दृष्टि पैनी होने की झलक साफ दिखती है। केदारनाथ अग्रवाल जी की सामाजिक दृष्टि की झलकियां उसी किताब से कुछ और कविताओं की झलक ये रही जिनमे उनके प्रकृति प्रेम की झलक मिलती है- 1.नदी के किनारे के पत्थरों को…

Books कविता हिन्दी

केदारनाथ अग्रवाल जी की सामाजिक दृष्टि की झलकियां

केदारनाथ अग्रवाल जी हिन्दी साहित्य के कुछ सबसे सुंदर कृतियों वाले कवियों में से एक हैं। इनकी कविताओं में प्रकृति का जो विवरण होता है वो बहुत सुंदर है। बहुत से लेखकों ने उन्हे किसानी कवि की पदवी भी दी है।