कविता हिन्दी

Raghuvir Sahai- रघुवीर सहाय की TOP 3 कवितायेँ पार्ट -2

Rahuvir Sahai – रघुवीर सहाय जी के बारे में आपको अपने पिछले ब्लॉग में बता चुके थे, अगर अपने अभी तक नहीं पढ़ा है तो यहाँ से पढ़िए पार्ट – 1।  फिर भी उनके बारे में  बता सहाय जी एक प्रशिद्ध लेखक के साथ साथ एक पत्रकार भी रहे थे।  उन्होंने समाज के हर पहलू…

top 10 कविता हिन्दी

Kunwar Narain | कुँवर नारायण | Top 10 सुंदर पंक्तियाँ

नहीं चाहिए तुम्हारा यह आश्वासन
जो केवल हिंसा से अपने को सिद्ध कर सकता है।
नहीं चाहिए वह विश्वास, जिसकी चरम परिणति हत्या हो।
मैं अपनी अनास्था में अधिक सहिष्णु हूँ।
अपनी नास्तिकता में अधिक धार्मिक।
अपने अकेलेपन में अधिक मुक्त।
अपनी उदासी में अधिक उदार।
– kunwar narain

कविता हिन्दी

Raghuvir Sahay की TOP 3  कविताओं  के अंश (पार्ट -1)

जैसे गरीब पर किसी ताकतवर की मार 
जहाँ कोई कुछ कर नहीं सकता 
उस गरीब के सिवाय 
और वह भी अक्सर हँसता है 
हँसो हँसो जल्दी हँसो 
इसके पहले कि वह चले जायें 
उनसे हाथ मिलाते हुए 
नज़रें नीची किये 
उनको याद दिलाते हुए हँसो 
कि तुम कल भी हँसे थे। 

कहानी हिन्दी

Deewar Me Ek Khidki Rehti Thi | Vinod Kumar Shukla

नीम के पेड़ के नीचे का अधिक अंधेरा हाथी के अंधेरे के आकार का था। रात के बीतने से जाता हुआ यह अंधेरा, शायद हाथी के आकार में छूट गया था। ज्यों ज्यों सुबह होगी हाथी के आकार का अंधेरा हाथी के आकार की सुबह होकर बाकी सुबह में घुलमिल जाएगी।

कहानी हिन्दी

Nirmal Verma – मेरी प्रिय कहानियाँ | निर्मल वर्मा

एक सफेद छाया है बानो-जैसे बर्फ से लिपटी हो। वह अँधेरे में भी चमकती है और संगमरमर-से सफेद उसके हाथ हैं, जो हमेशा हवा में खुले रहते हैं। कभी-कभी मुझे लगता है कि पीछे से चुपचाप आकर उसने मुझे अपने में ओढ़ लिया है और मैं अपने से ही अलग हो गया हूँ-सच बानो-लगता है जैसे में अपने से ही अलग हो गया हूँ…

शेर हिन्दी

मनोज ‘मुंतशिर’ के top 10 शेर | Top 10

अम्बर की हवाखोरियाँ सब भूल जायेगा,
ये चाँद उतर के जो मेरे कोठों तक आये
प्यासा हुआ तो क्या हुआ खुद्दार बहुत हूँ
दरिया से कहो चल के मेरे होंठों तक आये

Books review | समीक्षा top 10 कविता हिन्दी

Gulzar – Triveni | The best among best

हमारे समाज की भद्दी तस्वीर को उज़ागर करता और हम खुद के अंदर झांकने को मजबूर करता है ये त्रिवेणी

चूड़ी के टुकड़े थे, पैर में चुभते ही खून बह निकला
नंगे पाँव खेल रहा था, लड़का अपने आँगन में

बाप ने कल फिर दारू पी के माँ की बाँह मरोड़ी थी।

शेर हिन्दी

इब्ने इंशा के Top 10 शेर | Ibne Insha Top 10

कूचे को तेरे छोड़कर जोगी ही बन जाएँ मगर
जंगल तेरे, पर्बत तेरे, बस्ती तेरी, सहरा तेरा

मैंने ये शेर लगभग एक साल पहले instagram पर कहीं पढ़ा था और तब भी वही अहसास हुआ था जो अभी लिखते हुए हो रहा था। ये प्रेम की अभिव्यक्ति है और बेहद सुंदर।

Books review | समीक्षा कहानी हिन्दी

Geet Chaturvedi – Pink Slip Daddy | 3 in One Combo

नदियों को एक दिन समंदर में जाकर गिरना होता है, लेकिन सड़क कहाँ जाकर गिरती है, कोई नहीं देख पाया। वह कहती, दुनिया- भर की सड़कों को इकट्ठा कर दिया जाए, तो वे उसके बालों का जुड़ा बन जाएंगी।