Deewar Me Ek Khidki Rehti Thi | Vinod Kumar Shukla

Deewar Me Ek Khidki Rehti Thi | Vinod Kumar Shukla

नीम के पेड़ के नीचे का अधिक अंधेरा हाथी के अंधेरे के आकार का था। रात के बीतने से जाता हुआ यह अंधेरा, शायद हाथी के आकार में छूट गया था। ज्यों ज्यों सुबह होगी हाथी के आकार का अंधेरा हाथी के आकार की सुबह होकर बाकी सुबह में घुलमिल जाएगी।

Nirmal Verma – मेरी प्रिय कहानियाँ | निर्मल वर्मा

Nirmal Verma – मेरी प्रिय कहानियाँ | निर्मल वर्मा

एक सफेद छाया है बानो-जैसे बर्फ से लिपटी हो। वह अँधेरे में भी चमकती है और संगमरमर-से सफेद उसके हाथ हैं, जो हमेशा हवा में खुले रहते हैं। कभी-कभी मुझे लगता है कि पीछे से चुपचाप आकर उसने मुझे अपने में ओढ़ लिया है और मैं अपने से ही अलग हो गया हूँ-सच बानो-लगता है जैसे में अपने से ही अलग हो गया हूँ…

Geet Chaturvedi – Pink Slip Daddy | 3 in One Combo

Geet Chaturvedi – Pink Slip Daddy | 3 in One Combo

नदियों को एक दिन समंदर में जाकर गिरना होता है, लेकिन सड़क कहाँ जाकर गिरती है, कोई नहीं देख पाया। वह कहती, दुनिया- भर की सड़कों को इकट्ठा कर दिया जाए, तो वे उसके बालों का जुड़ा बन जाएंगी।

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