The Myth of Sisyphus – Albert Camus | Reflections

The Myth of Sisyphus – Albert Camus | Reflections

The Myth of Sisyphus एक essay है। Albert Camus ने अपनी Absurdity की philosophy को इस essay में पूरा समझाया है। ये 1942 में आया था और उनकी हर कहानी और उपन्यास से संबंध रखता है। इस essay के जरिए Camus जीवन, उसके अर्थ, उसकी अर्थहीनता, कैसे जीना चाहिए और क्या हो रहा है जैसे बहुत से सवालों के भीतर झाँकते हैं।

Tarkovsky & His Cinema Of Hope | A Conversation

Tarkovsky & His Cinema Of Hope | A Conversation

Andrei Tarkovsky एक Russian filmmaker हैं। इन्हें दुनिया के greatest filmmakers में गिना जाता है। बीते दिनों इनकी फिल्म Solaris, The Steamroller & The Violin, Andrei Rublev, Mirror, Stalker और The Sacrifice देखी हैं और बार बार देखी हैं। उनसे जो कुछ महसूस हुआ है उस पर संवाद।

धुंध से उठती धुन | निर्मल वर्मा की सक्रिय उम्मीद

धुंध से उठती धुन | निर्मल वर्मा की सक्रिय उम्मीद

‘धुंध से उठती धुन’ – निर्मल वर्मा की किताब है। जिसमें उनकी डायरी, उनके यात्रा वृतांत के दौरान लिखी हुई बातें, संस्मरण और बहुत सी चीजों पर एकांत में मंथन है। इस किताब में जिन बातों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, उन्हें समझने की कोशिश में कुछ संवाद।

निर्मल वर्मा के बहाने – एक लेख

निर्मल वर्मा के बहाने – एक लेख

क्या हम कभी भी वैसा लिख पाते हैं जो हमने लिखने से पहले सोचा था कि हम ऐसा लिखेंगे? आखिर हमारा असल लेखन कौन सा होता है – जो हम सोचते वक़्त लिखते हैं या जो हम लिखते वक़्त सच में लिखते हैं? पर इस सवाल का यह जवाब कितना सही है कि असल में दोनों ही अपने अपने समय(क्षणों) का सत्य होते हैं और क्यूँकि सत्य क्षणिक होता है इसलिए दोनों ही अपने होने में पूरे और जीवित होते हैं उस वक़्त।

Dahli – Lallantop’s Documentary is Beyond The Statistics

Dahli – Lallantop’s Documentary is Beyond The Statistics

अचानक मुझे लगा
ख़तरों से सावधान कराते की संकेत-चिह्न में
बदल गई थी डाक्टर की सूरत
और मैं आँकड़ों का काटा
चीख़ता चला जा रहा था
कि हम आँकड़े नहीं आदमी हैं।

Revolutionary Road | Dreams, Life & Them

Revolutionary Road | Dreams, Life & Them

फ़िल्म को देख मन में कितनी ही बार यह सवाल आता है कि क्या सच में हमारे खालीपन और निराशा से भागा जा सकता है? और अगर हम भाग भी लेते हैं तो जहाँ ठहरेंगे वहाँ खालीपन और निराशा नहीं होगी यह बात कितनी निश्चितता से कही जा सकती है। यह सब सोचते हुए मानव कौल की लिखी एक बात भीतर कहीं गूँजने लगती है “किसी के चुनते ही जो नहीं चुना वह दिमाग में रह जाता है और जो चुन लिया वह हमारे थके हुए जीवन का हिस्सा बन जाता है।”

Kafka’s Abandoned Fragment’s Quotes

Kafka’s Abandoned Fragment’s Quotes

We construct quite useless war machines, towers, walls, curtains of silk, and we might wonder a lot about that if we had the time. And remain suspended in the air, we don’t fall, we flutter, even though we’re uglier than bats. And now hardly anyone can prevent us from saying on a beautiful day: ‘Oh Lord, it’s a beautiful day today.’ For already we are settled in on this earth, and we live on the basis of our consent.

The Castle | Have We Reached There, Yet!

The Castle | Have We Reached There, Yet!

They say he looks completely different when he comes into the village and different when he leaves it, different before he has had a beer, different afterward, different awake, different asleep, different alone, different in a conversation, and, quite understandably after all this, almost utterly different up there at the Castle.

Hamid | Beautiful & Essential

Hamid | Beautiful & Essential

Hamid 2018 की फिल्म है जिसके director हैं Aziz Khan. फिल्म को National और international level पर बहुत से अवॉर्ड मिले हैं। जैसे कि National Film Award for Best Child Artist और National Film Award for Best Feature Film in Urdu. Talha Arshad Reshi, रसिका दुग्गल, विकास कुमार और सुमित कौल मुख्य भूमिका में हैं।

Ozymandias | What to learn from Percy Bysshe Shelley’s Poem?

Ozymandias | What to learn from Percy Bysshe Shelley’s Poem?

इस कविता से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। कविता हमें बताती है कि किस प्रकार बिना सोचे समझे, सिर्फ़ अपनी बखानता और वर्चस्व को अस्थापित करने के लिए किया गया अप्रत्याशित कार्य सार्थक नहीं होता और समय के साथ मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। जिसकी भयानक गंध इतिहास से लेकर भविष्य तक ऐसी फैलाती है की लोग उससे दूर भागते फिरते हैं।⠀