रघुवीर सहाय की निशब्द कर देनी वाली   TOP  – 5 कविताओं  के अंश

रघुवीर सहाय की निशब्द कर देनी वाली TOP – 5 कविताओं के अंश

देश पर मैं गर्व करने को कहता हूँ
उनसे जो अमीर हैं बड़े स्कूलों में पढ़े हैं
पर उन्हें गर्व नहीं है
गर्व है भूखे-प्यासे अधपढे लोगों में
राष्ट्रीय गौरव रह गया है अन्तरराष्ट्रीय राजनीति में
मोहरा बनकर
पड़ोसी को हराने में, यह गर्व मिटता है
यदि पड़ोसी और हमारी जनता की दोस्ती बढ़ती है
बड़े देशों की राजनीति करने के लिए अपनी जनता को
तनाव में रखना पड़ता है

Kafka On The Shore | Haruki Murakami | Mesmerizing & Bizarre Dreams

Kafka On The Shore | Haruki Murakami | Mesmerizing & Bizarre Dreams

And a thought hits me – the axis of time. Somewhere I don’t know about, something weird is happening to time. Reality and dreams are all mixed up, like sea water and river water flowing together. I struggle to find the meaning behind it all, but nothing makes any sense.

The Birds – Alfred Hitchcock At His Best

The Birds – Alfred Hitchcock At His Best

Alfred Hitchcock एक ऐसे director हैं जो किसी भी व्यक्ति, वस्तु, पक्षी और जो कुछ भी सोच पाओ – कुछ भी मतलब कुछ भी – किसी भी चीज से thrill create कर सकते हैं। It can be seen in The Birds.

The Birds 1963 की फिल्म है और ये भी Alfred Hitchcock की किसी भी चीज से thrill create करने के कला के बारे में कहानी कहती है। 

The Home and The World – Rabindranath Tagore’s Quotes

The Home and The World – Rabindranath Tagore’s Quotes

It is only when we get to the point of letting the bird out of its cage that we can realize how free the bird had set us. Whatever we cage, shackles us with desire whose bonds are stronger than those of iron chains. I tell you, sir, this is just what the world has failed to understand. They all seek to reform something outside themselves. But reform is wanted only in one’s own desires, nowhere else, nowhere else!

Piyush Mishra – आरंभ है प्रचंड किताब से Top 10 गीत

Piyush Mishra – आरंभ है प्रचंड किताब से Top 10 गीत

Piyush Mishra जी को सभी जानते हैं। जिन्होंने भी गुलाल और Gangs of Wasseypur देखी है वो जानते होंगे। वो बहुत ही उम्दा अभिनेता और लेखक हैं। खासकर कविता और गीतों के। उनके गीत आपने जरूर भूले बिसरे गुनगुनाएँ होंगे। चाहें वो आरंभ हो प्रचंड हो या एक बगल में चाँद होगा, एक बगल में…

Kunwar Narayan – कुँवर नारायण की कुछ और पंक्तियाँ

Kunwar Narayan – कुँवर नारायण की कुछ और पंक्तियाँ

सविनय निवेदन है प्रभु(राम) कि लौट जाओ
किसी पुराण – किसी धर्मग्रंथ में
सकुशल सपत्नीक…
अबके जंगल वो जंगल नहीं
जिनमें घूमा करते थे वाल्मीक!

Kedarnath Agrawal – केदारनाथ अग्रवाल के प्रकृति प्रेम की झलकियां

Kedarnath Agrawal – केदारनाथ अग्रवाल के प्रकृति प्रेम की झलकियां

Kedarnath Agrawal जी की किताब के कुछ अंश आपने पहले पढे थे। जिसमें उनके सामाजिक दृष्टि पैनी होने की झलक साफ दिखती है। केदारनाथ अग्रवाल जी की सामाजिक दृष्टि की झलकियां उसी किताब से कुछ और कविताओं की झलक ये रही जिनमे उनके प्रकृति प्रेम की झलक मिलती है- 1.नदी के किनारे के पत्थरों को…