Top 10 Questions from Pablo Neruda’s Book of Questions

Top 10 Questions from Pablo Neruda’s Book of Questions

The Book of Questions, Pablo Neruda की किताब है जिसमें उन्होंने 316 poetic सवाल पूछे हैं। अपने में उलझे, अपने में ही सुलझे, ये सवाल कुछ अलग ही कहते हैं। उसी किताब में से कुछ जादुई सवाल यहाँ पेश हैं।

Ozymandias | What to learn from Percy Bysshe Shelley’s Poem?

Ozymandias | What to learn from Percy Bysshe Shelley’s Poem?

इस कविता से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। कविता हमें बताती है कि किस प्रकार बिना सोचे समझे, सिर्फ़ अपनी बखानता और वर्चस्व को अस्थापित करने के लिए किया गया अप्रत्याशित कार्य सार्थक नहीं होता और समय के साथ मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। जिसकी भयानक गंध इतिहास से लेकर भविष्य तक ऐसी फैलाती है की लोग उससे दूर भागते फिरते हैं।⠀

रघुवीर सहाय की निशब्द कर देनी वाली   TOP  – 5 कविताओं  के अंश ( पार्ट – 2 )

रघुवीर सहाय की निशब्द कर देनी वाली TOP – 5 कविताओं के अंश ( पार्ट – 2 )

लोग या तो कृपा करते हैं या खुशामद करते हैं
लोग या तो ईर्ष्या करते हैं या चुगली खाते हैं
लोग या तो शिष्टाचार करते हैं या खिसियाते हैं
लोग या तो पश्चात्ताप करते हैं या घिघियाते हैं
न कोई तारीफ़ करता है न कोई बुराई करता है
न कोई हँसता है न कोई रोता है
न कोई प्यार करता है न कोई नफरत
लोग या तो दया करते हैं या घमण्ड
दुनिया एक फँफुदियायी हुई-चीज़ हो गयी है।

केदारनाथ अग्रवाल की किसानी कवि होने की झलकियां

केदारनाथ अग्रवाल की किसानी कवि होने की झलकियां

नहीं कृष्ण की,
नहीं राम की,
नहीं भीम, सहदेव, नकुल की,
नहीं पार्थ की,
नहीं राव की, नहीं रंक की..
नहीं तेग, तलवार, धर्म की
नहीं किसी की, नहीं किसी की
घरती है केवल किसान की।

कुँवर नारायण की Top 10 पंक्तियाँ – Part 3

कुँवर नारायण की Top 10 पंक्तियाँ – Part 3

और वह प्रेमिका
जिसका मुझे पहला धोखा हुआ था
मिल जाए तो उसका खून कर दूँ!
मिलती भी है, मगर
कभी मित्र
कभी माँ
कभी बहन की तरह
तो प्यार का घूंट पीकर रह जाता।

रघुवीर सहाय की निशब्द कर देनी वाली   TOP  – 5 कविताओं  के अंश

रघुवीर सहाय की निशब्द कर देनी वाली TOP – 5 कविताओं के अंश

देश पर मैं गर्व करने को कहता हूँ
उनसे जो अमीर हैं बड़े स्कूलों में पढ़े हैं
पर उन्हें गर्व नहीं है
गर्व है भूखे-प्यासे अधपढे लोगों में
राष्ट्रीय गौरव रह गया है अन्तरराष्ट्रीय राजनीति में
मोहरा बनकर
पड़ोसी को हराने में, यह गर्व मिटता है
यदि पड़ोसी और हमारी जनता की दोस्ती बढ़ती है
बड़े देशों की राजनीति करने के लिए अपनी जनता को
तनाव में रखना पड़ता है

Piyush Mishra – आरंभ है प्रचंड किताब से Top 10 गीत

Piyush Mishra – आरंभ है प्रचंड किताब से Top 10 गीत

Piyush Mishra जी को सभी जानते हैं। जिन्होंने भी गुलाल और Gangs of Wasseypur देखी है वो जानते होंगे। वो बहुत ही उम्दा अभिनेता और लेखक हैं। खासकर कविता और गीतों के। उनके गीत आपने जरूर भूले बिसरे गुनगुनाएँ होंगे। चाहें वो आरंभ हो प्रचंड हो या एक बगल में चाँद होगा, एक बगल में…

Kunwar Narayan – कुँवर नारायण की कुछ और पंक्तियाँ

Kunwar Narayan – कुँवर नारायण की कुछ और पंक्तियाँ

सविनय निवेदन है प्रभु(राम) कि लौट जाओ
किसी पुराण – किसी धर्मग्रंथ में
सकुशल सपत्नीक…
अबके जंगल वो जंगल नहीं
जिनमें घूमा करते थे वाल्मीक!

Kedarnath Agrawal – केदारनाथ अग्रवाल के प्रकृति प्रेम की झलकियां

Kedarnath Agrawal – केदारनाथ अग्रवाल के प्रकृति प्रेम की झलकियां

Kedarnath Agrawal जी की किताब के कुछ अंश आपने पहले पढे थे। जिसमें उनके सामाजिक दृष्टि पैनी होने की झलक साफ दिखती है। केदारनाथ अग्रवाल जी की सामाजिक दृष्टि की झलकियां उसी किताब से कुछ और कविताओं की झलक ये रही जिनमे उनके प्रकृति प्रेम की झलक मिलती है- 1.नदी के किनारे के पत्थरों को…