Manoj Muntashir Top New Lines | Meri Fitrat Hai Mastana

Manoj Muntashir Top New Lines | Meri Fitrat Hai Mastana

Manoj Muntashir (मनोज मुंतशिर) को कौन नहीं जानता!! तेरी मिट्टी जैसे गाने के बाद उनका नाम शोहरत की बुलंदिया छूने लगा। उनकी किताब आई थी ‘मेरी फितरत है मस्ताना’।

मनोज ‘मुंतशिर’ के top 10 शेर | Top 10

मनोज ‘मुंतशिर’ के top 10 शेर | Top 10

अम्बर की हवाखोरियाँ सब भूल जायेगा,
ये चाँद उतर के जो मेरे कोठों तक आये
प्यासा हुआ तो क्या हुआ खुद्दार बहुत हूँ
दरिया से कहो चल के मेरे होंठों तक आये

मनोज ‘मुंतशिर’ – मेरी फ़ितरत है मस्ताना | Top 10

मनोज ‘मुंतशिर’ – मेरी फ़ितरत है मस्ताना | Top 10

आपका तो नहीं पता पर ‛ मैं ’ जो बालक ये लिख रहा है वो बिल्कुल ऐसा ही बालक है जैसा इस शेर में है-

कोई खुदगरज़ियाँ देखे हमारे जैसे बच्चों की
अधूरी माँ के होंठों पर कहानी छोड़ दी हमने

निवाले माँ खिलाती थी, तो सौ नखरे दिखाते थे
नहीं है माँ ,तो सारी आनाकानी छोड़ दी हमने