Letters To Felice | Franz Kafka

Letters To Felice | Franz Kafka

पढ़ने के बाद ऐसा लगा कि मुझसे कुछ छीन लिया गया है। कुछ बेहद निजी। इतने दिनों से कोई था जो साथ था और वो एक दम से किसी ने छीन लिया है या बिना बताए चला गया है। इतना खाली, इतना दुख हुआ कि बहुत देर हाथों को देखता रहा। इतनी निजी बातें पढ़ने का guilt, फिर अंत में कुछ भी हाथ ना आने का अहसास, और उसके बाद इतना कुछ मिल गया का सुख – और इन सबके बाद भी – इतना human कुछ पढ़ने की झुरझुरी अभी भी शरीर पर महसूस हो रही है। कितना कुछ लिखा जा सकता है इस बारे में पर हमारे शब्द कितने झूठे है। हमारा कुछ लिखना, एक भी शब्द कितना थोथला है और ये लिखते लिखते – ये कितना निरर्थक है। कितना झूठ है मेरा खुद को देखना इसके comparison में।

Aphorisms by Kafka | Truth Bombs!

Aphorisms by Kafka | Truth Bombs!

From a certain point on, there is no more turning back. That is the point that must be reached. Franz Kafka (Aphorisms) मुझे बहुत पसंद है जब मैं सुबह उठुं और कुछ भी करने से पहले मेरे मन में हो कि यार वो किताब complete करनी है। जो किताबें बांध कर रख पाएं – उनका…

The Castle | Have We Reached There, Yet!

The Castle | Have We Reached There, Yet!

They say he looks completely different when he comes into the village and different when he leaves it, different before he has had a beer, different afterward, different awake, different asleep, different alone, different in a conversation, and, quite understandably after all this, almost utterly different up there at the Castle.

Ozymandias | What to learn from Percy Bysshe Shelley’s Poem?

Ozymandias | What to learn from Percy Bysshe Shelley’s Poem?

इस कविता से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। कविता हमें बताती है कि किस प्रकार बिना सोचे समझे, सिर्फ़ अपनी बखानता और वर्चस्व को अस्थापित करने के लिए किया गया अप्रत्याशित कार्य सार्थक नहीं होता और समय के साथ मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। जिसकी भयानक गंध इतिहास से लेकर भविष्य तक ऐसी फैलाती है की लोग उससे दूर भागते फिरते हैं।⠀